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ICU ,में खरसिया का 100 बिस्तर अस्पताल।

*✒खरसिया का 100 बिस्तर अस्पताल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है….!!*

*ICU ,में खरसिया का 100 बिस्तर अस्पताल*

*🔺वर्षो से जीवनदीप समिति के अध्यक्ष है छग केबिनेट मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल फिर भी दुर्दशा।*

🔺कहने को तो यह पूरे खरसिया विधानसभा का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है जहां पर जिसे प्रशासन द्वारा सर्वसुविधायुक्त 100 बिस्तर खरसिया सिविल अस्पताल का नाम दिया गया है। यह अस्पताल बाहर से जितना स्वस्थ, सुंदर रंगरोगन से सराबोर टिप टॉप लग रहा है दरअसल अंदर से यह अस्पताल उतना ही अस्वस्थ है और स्वयं यह अस्पताल( ICU ) आई सी यू में है।

🔺अस्पताल में कोई भी डॉक्टर बिना एमरजेंसी या अस्पताल स्टाफ नर्स और ड्रेसर्स के फोन किये बगैर कभी समय पर अस्पताल नही पहुंचते है,पूरा अस्पताल नर्सो के भरोसे जैसे तैसे चल रहा है।इस अस्पताल के सबसे बड़े डॉ सिविल सर्जन डॉ सजन अग्रवाल,व डॉक्टर हेमलता* राठिया को ही अक्सर समय पर अस्पताल पहुँचकर मरीजो का ध्यान रखते लोगों द्वारा देखा गया है।डॉ सजन अग्रवाल जी का हमेशा यही कहना होता है कि मेरी कोई सुनता नही मैं अकेले ही डे नाईट ड्यूटी करता हूं।परेशान हो जाता हूँ।आय दिन डॉक्टरों की ट्रेनिंग,छुट्टी, से मरीज परेशान होते है।

🔺देखा जाए तो लगभग सभी डॉक्टर अपने निजी क्लीनिकों और अस्पतालों पर ज्यादा ध्यान देते है यहां कुछ डॉक्टर ऐसे भी है जो इस सरकारी अस्पताल से मरीजो को अपने निजी क्लीनिक और अस्पताल में ट्रांसफर करते हैं जिन डॉक्टरों की ड्यूटी इस सरकारी अस्पताल में होती है वे सरकारी अस्पताल में उनका इलाज करने के बजाय अपने निजी क्लीनिक और अस्पतालों में इलाज करते है वो भी मोटी रकम लेकर।

🔺आज गुरुवार के दिन गर्भवती महिलाओं के रूटीन चेकअप का दिन होता है जहां गर्भवती महिलाएं अपनी अपनी स्वास्थ्य सबंधी समस्याओं को लेकर स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर से उपचार और सुझाव लेती है,पर इस अस्पताल में आज के दिन भी महिला डॉक्टर हेमलता राठिया जी का रायगढ़ में पेशी होने के कारण वो नही पहूँची थी,बाद में जब गर्भवती महिलाओ की संख्या पूरे आस पास के गांवों से बढ़ती गई तो आनन फानन में सिविल सर्जन डॉ सजन अग्रवाल जी द्वारा इन महिलाओ के पर्ची देख देखखर नर्सो को निर्देशित किया गया और गर्भवती महिलाओ का रूटीन चेकअप किया गया।महिलाओ का कहना था कि वे सुबह 9 -10 बजे से अस्पताल आये है और 12 बजने के बाद भी कोई भी डॉक्टर अभी तक हमे नही देख रहे हैं कई महिलाओ को चक्कर आ रहा था खड़े खड़े क्योंकि ज्यादा संख्या होने से बैठक व्यवस्था बिगड़ चुकी थी।

🔺यही वजह है कि हर छोटे से छोटे मामले में यहां डॉक्टर या तो रायगढ़ रिफर करते है या अपने निजी क्लिनिक और असप्ताल में केस ट्रांसफर करते है और अनाप शनाप मुंहमांगी रुपये लेकर गरीबों को परेशान करते है।बहुत ही गम्भीर रुप से बीमार व्यक्ति अगर गलती से यहां आ जाये तो उसका तो भगवान ही मालिक है।

🔺यूँ तो अभी इस असप्ताल में चार नए डॉक्टरों का आगमन हुआ है जिसमे से 3 डॉक्टरों ने ड्यूटी जॉइन कर लिया है पर अस्पताल में दिख नही रहें है।और एक डॉक्टर ने अभी जॉइन नही किया है,वही जॉइन किये एक महिला डॉक्टर,छुट्टी में चली गई है,और एक महिला डॉक्टर रायगढ़ ट्रेनिंग में गई है।

🔺खरसिया 100 बिस्तर अस्पताल के ये है डॉक्टर्स 1 से 4 पुराने और 5 से 7 नम्बर के नवपदस्थ एक डॉक्टर ने अभी जॉइन नही किया है।

1 डॉ सजन अग्रवाल
2 डॉ विक्रम राठिया
3 डॉ सौरभ अग्रवाल
4 डॉ हेमलता राठिया
5 डॉ किरण चौहान
6 डॉ दीपिका अग्रवाल
7 डॉ शिशिर वृन्द राठौर
एक और डॉ की पोस्टिंग हुई है पर अब तक वो जॉइन नही किये हैं।
डॉ शैलेन्द्र अग्रवाल।

🔺फिलहाल खरसिया का 100 बिस्तर सिविल अस्पताल स्वयं ICU में है।इस अस्पताल के जीवनदीप समिति के अध्यक्ष खरसिया विधायक और केबिनेट मंत्री उमेश पटेल जी है,जिनका पहले ये रोना और कहना था कि हमारी सरकार नही है।परंतु अब,सत्ता सरकार सब उनके पास और हाँथ में तब आज भी खरसिया और आस पास के गांवों के लोगों के लिए एकमात्र सहारा यह असप्ताल आज भी अपनी दुर्दशा पर रो रहा है इस अस्पताल में जाकर कोई भी पेशेंट और परिजन संतुष्ट नही होते है यह बहुत ही गम्भीर और चिन्तनीय है।आखिर कब तक इस अस्पताल में अव्यवस्थाओं का यह आलम बना रहेगा एक बड़ा प्रश्न है??

आरती वैष्णव की रिपोर्ट

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