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छग स्वास्थ्य मंत्री के नाम खुला पत्र भेजा सामाजिक कार्यकर्ता आरती वैष्णव ने।

 

*🔺प्रति

श्रीमान टी एस सिंहदेव जी स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ सरकार।*

सादर नमस्कार

🔺 मंत्री महोदय जी आपको सूचित करते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल है जब आपको छत्तीसगढ़ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी तो छत्तीसगढ़ के लगभग डेढ़ करोड़ नागरिकों को अत्यंत प्रसन्नता हुई थी कि छत्तीसगढ़ को एक अनुभवी एवं होनहार स्वास्थ्य मंत्री मिला है और इस बात में कोई शंका भी नही है कि आप एक सुलझे हुए अनुभवी व्यक्ति हैं।आपके द्वारा शीघ्र ही छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाए जाने की उम्मीद प्रदेश के नागरिकों के साथ हमें भी थी किंतु बिलासपुर संभाग के अधिकतर अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है गरीबों को खुले बाजार से एंटी रेबीज इंजेक्शन खरीदने की मजबूरी है।

🔺 एक के बाद एक बड़ी घटना को अंजाम देने वाले खरसिया सिविल अस्पताल में पदस्थ सर्जन, विक्रम सिंह राठिया के द्वारा संचालित निजी हॉस्पिटल वनांचल केयर एवं सर्जिकल सेंटर में शक्ति की एक 62 वर्षीय ग्रामीण महिला सुमित्रा बाई पटेल जिसके पेट में पथरी की शिकायत थी, अपना इलाज कराने शक्ति सरकारी अस्पताल से खरसिया आई जिसे शक्ति अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर आरके सिंह जो की स्वयं सर्जन है के द्वारा निजी हॉस्पिटल वनांचल केयर खरसिया भेजा गया।सुमित्रा बाई पटेल 26 मई 2019 को अपने पथरी के इलाज के लिए वनांचल केयर में भर्ती हुई थी जिसका सोनोग्राफी रायगढ़ के केडिया निजी सोनोग्राफी सेंटर में कराया गया जहां पर उक्त महिला के किडनी में पथरी होना बताया गया जिसका ऑपरेशन वनांचल केयर हॉस्पिटल खरसिया में 3 सरकारी डॉक्टरों के द्वारा मिलकर किया गया ये तीनों डॉ सर्जन है पहला हॉस्पिटल के संचालक डॉ विक्रम राठिया दूसरे डॉ खरसिया 100 बिस्तर अस्पताल के प्रभारी अधिकारी डॉक्टर सजन अग्रवाल एवं तीसरे डॉ शक्ति सरकारी अस्पताल में बतौर सर्जन पदस्थ डॉक्टर आर के सिंह है इन तीनों के द्वारा पहले तो निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किए गए महिला को आयुष्मान कार्ड के तहत निशुल्क इलाज होने की बात बताई गई बाद में पीड़िता के परिजनों से ₹5000 नगद जमा करा लिए गए एवं पीड़िता के आयुष्मान कार्ड से सर्जरी की रकम भी काट ली गई।

🔺दुखद बात यह है कि इन तीनों सर्जनों के द्वारा मिलकर के पथरी का इलाज कराने पहुंची महिला की ऐसी सर्जरी की गई कि उस बेचारी बुजुर्ग महिला का किडनी निकाल लिया गया ऑपरेशन के बाद परिजनों को किडनी निकाले जाने की जानकारी भी नहीं दी गई जब उसके परिजनों के द्वारा पीड़िता का सोनोग्राफ़ी खरसिया के ही एक निजी हॉस्पिटल गायत्री हॉस्पिटल में कराया गया तो वहां के संचालक डॉ आर सी अग्रवाल के द्वारा जब पीड़िता के परिजनों को यह जानकारी दी गई कि पीड़िता का न सिर्फ पथरी निकाला गया है बल्कि महिला के पेट से किडनी भी गायब है। जब इस बात की जानकारी महिला के परिजनों को हुई तो उनके द्वारा बिना सहमति के एवं बिना कारण के सुमित्रा बाई पटेल के किडनी निकाल दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई एवं डॉक्टर से कारण पूछा गया तो डॉक्टरों के द्वारा उनके परिजनों को न सिर्फ गुमराह किया गया बल्कि उन्हें धमकाया भी गया तब इस शर्मसार कर देने वाली घटना से अपना मानसिक संतुलन खो बैठे परिजनों के सामने कुछ भी समझ नहीं आया बहुत ज्यादा परेशान होने के बाद सुमित्रा बाई पटेल के पुत्र ऐश्वर्य पटेल के द्वारा एसडीओपी खरसिया गरिमा द्विवेदी के पास एक लिखित आवेदन देकर एफ आई आर दर्ज करने की मांग की गई किंतु खरसिया एसडीओपी के द्वारा टेक्निकल मामला बताते हुए पीड़ितों के आवेदन पर आज दिनांक तक एफ आई आर दर्ज नहीं किया गया है।जिससे भगवान समझे जाने वाले डॉक्टरों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

🔺सबसे दुखद बात यह है कि घटना के दिन है रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल एवं रायगढ़ जिले के कलेक्टर यशवंत कुमार के साथ रायगढ़ जिले के जिला स्वास्थ्य अधिकारी एस एन केसरी खरसिया सिविल अस्पताल पहुंचकर इन डॉक्टरों को नैतिकता एवं मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने के संबंध में समझाइश देकर लौटे थे उसी दिन इन तीनों सरकारी डॉक्टरों के द्वारा निजी क्लीनिक में पथरी के ईलाज के नाम पर महिला के किडनी को धोखे से निकालने का कार्य किया गया हैं जिससे डॉक्टरों सहित स्वास्थ्य विभाग के ऊपर भी लोगों का विश्वास डगमगाने लगा है।इस मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जल्द ही उचित कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के बावजूद कलेक्टर के उचित निर्देश के बावजूद घटना के 4 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक इस मामले में किसी भी प्रकार की जांच नहीं कराये जाने एवं दोषी डॉक्टरों को संरक्षण दिए जाने के कारण रायगढ़ जिले के नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है

🔺अतः इस खुले पत्र के माध्यम से मैं सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार श्रीमती आरती वैष्णव आपसे निवेदन व मांग करती हूं की आपके द्वारा मानवता को शर्मसार कर देने वाली इस गंभीर घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही के संबंध में आदेश जारी कर तत्काल कार्यवाही करें ताकि भविष्य में कोई भी डॉक्टर इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना कर सके घटना के संबंध में दस्तावेजी प्रमाण अखबारों एवं न्यूज़ चैनलों में प्रकाशित प्रसारित समाचार की कटिंग एवं वीडियो क्लिप आपको सादर संप्रेषित है।

*🔺शीघ्र उचित कार्यवाही व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की आशा के साथ🙏*

*✍श्रीमती आरती वैष्णव*
*सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार*
*खरसिया,जिला रायगढ छत्तीसगढ़*

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