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राहुल-प्रियंका की रैलियां भी नहीं बचा पाई दिल्ली में कांग्रेस के उम्मीदवारों को, 95 फीसदी सीटों पर जमानत जब्त

राहुल-प्रियंका की रैलियां भी नहीं बचा पाई दिल्ली में कांग्रेस के उम्मीदवारों को, 95 फीसदी सीटों पर जमानत जब्त
दिल्ली चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. कांग्रेस ने 66 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे जिनमें से 63 की जमानत जब्त हो गई. यहां तक की जिन सीटों पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रचार किया था वहां भी कांग्रेस का उम्मीदवार नहीं जीत सका.

New Delhi, Feb 04 (ANI): Congress leader Rahul Gandhi addressing a public meeting at Jangpura, in New Delhi on Tuesday. (ANI Photo)

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद फिसड्डी रहा. कांग्रेस खाता तो खोल ही नहीं पाई उसका वोट प्रतिशत भी पांच फीसदी से कम रहा जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में आधा है. कुल 70 विधानसभाओं में से कांग्रेस ने 66 पर उम्मीदवार उतारे उनमें से 63 की जमानत जब्त हो गई. तीन उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहे. जिन सीटों पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रचार किया वहां भी पार्टी जमानत नहीं बचा पाई. एक सीट पर पार्टी चौथे स्थान पर रही. प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की बेटी की सीट पर पूरी ताकत लगाने के बाद भी कांग्रेस जमानत नहीं बचा सकी.

राहुल-प्रियंका की सभाएं बेअसर

हालांकि कांग्रेस की खराब हालत का अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था और इसी वजह से गांधी परिवार ने प्रचार के नाम पर आखिर में महज औपचारिकता की. राहुल गांधी ने चार सभाओं को संबोधित किया जिनमें से दो सभाओं में उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं. इन चार सीटों में जंगपुरा में कांग्रेस को 15 फीसदी वोट मिला जबकि कोंडली, मटियामहल और संगम विहार में कांग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. संगम विहार से कांग्रेस उम्मीदवार पूनम आजाद को बीएसपी से भी कम वोट मिला और लगभग दो फीसदी वोट के साथ वो चौथे स्थान पर रहीं. पूनम आजाद कांग्रेस के दिल्ली चुनाव कैंपेन कमिटी के प्रमुख कीर्ति आजाद की पत्नी हैं. उनके लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों ने एक साथ सभा की थी.

प्रदेश अध्यक्ष की बेटी की भी जमानत जब्त

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की पुरानी सीट कालकाजी विधानसभा सीट से उनकी बेटी शिवानी चोपड़ा मैदान में थीं, लेकिन वो तीसरे स्थान पर रहीं और उनकी जमानत भी जब्त हो गई. इस सीट पर प्रदेश कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंकी थी. यहां पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, राज बब्बर से लेकर कांग्रेस के बड़े-बड़े स्टार प्रचारकों को प्रचार में उतारा गया था. इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की खास ड्यूटी भी लगाई गई थी. खुद प्रदेश अध्यक्ष ने ज्यादातर समय यहां लगाया, लेकिन अंत में सारा प्रयास बेकार गया और कांग्रेस को यहां लगभग पांच फीसदी वोट ही मिल पाए.

इन तीन सीटों पर कांग्रेस ने बचाई जमानत

कांग्रेस के कुल 66 में से 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. गांधीनगर, सीलमपुर, कस्तूरबा नगर सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया और जमानत बचाई. वोट प्रतिशत के लिहाज से कस्तूरबा नगर सीट पर अभिषेक दत्त ने 20 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किए. बादली में देवेंद्र यादव और गांधीनगर में अरविंदर सिंह लवली ने भी करीब 20 फीसदी वोट हासिल किए. इनमें से गांधीनगर में बीजेपी ने जीत दर्ज की. कांग्रेस के तीन उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहे. यहां बीएसपी तीसरे स्थान पर रही. कांग्रेस ने गठबंधन के तहत चार सीटें आरजेडी के लिए छोड़ी थी. इन चार सीटों पर भी जमानत तो जब्त हुई ही तीन पर आरजेडी के उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले.

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