धमतरी। केरेगांव परिक्षेत्र में विचरण कर रहे तेंदुए की दहशत अब भी बरकरार है। यहां के कुछ चुनिंदा स्थानों पर आए दिन तेंदुआ दिखाई दे रहा है।

हर्राकोठी-नाथूकोन्हा मार्ग में तेंदुए के कभी-कभार दिखाई देने से लोग अब इस मार्ग से आने-जाने से परहेज करने लगे हैं। इधर अब तक वनविभाग ने तेंदुए को लेकर सुरक्षा को लेकर आसपास के गांवों में मुनादी तक नहीं कराई है। इससे इस क्षेत्र में खतरा बना हुआ है।

जिला मुख्यालय से महज 30 किलो मीटर दूर केरेगांव के रेंज में आने वाले छः से अधिक ऐसे गांव है, जहां के वनमार्गों पर बीते तीन माह से कभी-कभार तेंदुआ नजर आ ही रहा है। इसे लेकर अब यहां के ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।

धमतरी-नगरी मार्ग में आने वाले केरेगांव रेंज के गांव हर्राकोठी, नाथूकोन्हा, रायपारा, केरेगांव, बगरूमनाला, चन्दनपुर, बेन्द्रापानी, पालवाड़ी सहित कई ऐसे गांव है। जहां बीते तीन माह से तेन्दुआ का दशहत बना हुआ है।

ग्रामीण इलाके में दहशत को लेकर पहले भी वन विभाग तक सूचना पहुंची थी इसके बाद भी वन विभाग ने कोई खास पहल नहीं की है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में किसी तरह कोई मुनादी नहीं कराई गई है, जिसके कारण यहां देर-शाम और सुबह सफर करने वाले लोगों का आमना सामना तेन्दुआ से हो जाता है। अभी तक ऐसे लोगों का सामना तेन्दुआ से हुआ है, जो दुपहिया या फिर चार पहिया वाहन में होते है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर किसी पैदल चलने वाले से आमना-सामना हो जाए, तो तेन्दुआ हमला भी कर सकता है। रविवार 28 अक्टूबर को हर्राकोठी के हरेन्द्र ध्रुव, मंगल ध्रुव दिन ढलने के बाद घर लौट रहे थे तो उन्होंने हर्राकोठी के पास तेंदुआ देखा।

इसी तरह रायपारा के उपसरपंच पवन मांझी ने भी क्षेत्र में तेंदुआ देखने की बात बताई है। मालूम हो कि केरेगांव रेंज में पहले खूखार जंगली जानवरों ने गांवों में मवेशियों और मुर्गो को अपना शिकार बनाया है। पहले ग्रामीणों को मुनादी और अन्य तरीके से सावधानी बरतने की नसीहत दी जाती थी, लेकिन मौजूदा वक्त में विभाग किसी तरह कोई सूचना पटल लगा रहा है और न ही किसी तरह जानकारी दे रहा है। शावक की तलाश में तो नहीं भटक रही मादा तेन्दुआ

ग्रामीणों को माने तो पहले मादा तेन्दुआ के साथ दो शावक देखे जाते थे, लेकिन हाल ही में गढिय़ा बाबा मार्ग में एक शावक की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, जिसके शव को फारेस्ट कर्मियों ने पीएम कराने के बाद विभागीय डिपो में ही अंतिम संस्कार कर दिया है। लोगों में चर्चा है कि कहीं शावक की तलाश में तो तेन्दुआ नहीं भटक रहा है।

इनका कहना है

केरेगांव वन परिक्षेत्र के आसपास नजर आ रहे तेंदुए की जानकारी उन तक भी पहुंची है। ग्रामीणों को आगाह किया जा रहा है कि वे शाम को वन क्षेत्र में न निकले।

अमिताभ वाजपेयी, डीएफओ