🔺बलात्कारी को बचाने वाला कोई भी हो,वह बलात्कारी से भी बड़ा कसूरवार है- ✍आरती वैष्णव

*🔺न्याय पाने के लिए जान गंवाना क्यो पड़ता है रेप पीड़िताओं को?आखिर कब रोक लगेगी प्रशासन के कुछ नुमाइंदों की हिटलरशाही ?*

*🔺बलात्कारी को बचाना है बड़ा अपराध*-
बलात्कारी को बचाने वाली xyz,चाहे कोई भी पार्टी हो या कोई पुलिस अधिकारी हो उसे बख्शना नही चाहिए।गम्भीर मामलो मर तत्काल fir नही करने से एक पीड़ित परिवार को क्या क्या झेलना पड़ता है ये उन्नाव रेप मामले में हम देख सकते है,10 माह तक योगी जी की सरकार ने बलात्कारी पर अपराध दर्ज नही होने दिया।थाने में ही पिता की हत्या कर दी गई, फिर भी हिम्मत नही हारी युवती डटी रही तब कही जाकर fir दर्ज हुआ,और बलात्कारी विधायक गिरफ्तार हुआ।लेकिन….ऐसी घटनाओं को होने से रोकना चाहिए या नही उन्नाव रेप कांड में

*”पीड़िता और वकील के ऊपर गाड़ी चढ़वा दिया गया वो जिंदगी और मौत से लड़ रहे है।बलात्कारी को बचाने वाले,उस बलात्कारी से बड़े दोषी हैं।”*

*🔺सत्ता सरकार जनता का दिया हुआ है उपहार वही है सबके पालनहार*–
क्या इसी इंतजार में रहते है प्रशासन कुछ अधिकारी,जब बड़ी अनहोनी होगी तभी मामला बनेगा।तभी हड़ताले, और आंदोलन होगा,तभी खबर बनेगी।ऐसे पुलिस अधिकारियों और सरकारों के खिलाफ भी प्रताड़ना का केस बनना चाहिए उन पर कार्यवाही होनी चाहिए।सत्ता सरकार जनता द्वारा दिया हुआ है उनकी अमानत है,और सारे अधिकारी आमजन के महज सेवक,कानून पालन करवाने वाले माध्यम इससे अधिक कुछ भी नही।कानून को अपनी जागीर न समझें कानून सभी के लिए एक समान है,रेप पीड़िता चाहे रायगढ़ की हो,खरसिया की हो जांजगीर की हो या उन्नाव की सभी महिलाओं की पीड़ा एक समान है,न्याय मांगने के लिए पीड़िता का मरना क्यों जरूरी है?

 


*🔺आखिर क्यों????*
क्यों उसके पिता और परिजनों के हत्या के बाद ही उसे न्याय मिलेगा?आखिर क्यों पीड़िता का सबकुछ बर्बाद हो जाने के बाद ही लोग उसके लिए न्याय मांगते है?क्यों कुछ बड़ी घटना हुए बिना उसे न्याय पाने का अधिकार नही है?क्यों महिला अधिकारियो के द्वारा पीड़िता की पीड़ा को न समझते हुए उल्टे उसे कसूरवार मानकर भद्दी बातें कही जाती है?क्यों कुछ नौकरशाह कानून को अपनी जागीर समझते है ये भुलकर की वे कानून को पालन करवाने वाले एक माध्यम है,उस सरकार के जिसे जनता ने ही बनाया है,जो जनता ही उनके अन्नदाता है फिर उन्ही के साथ अन्याय क्यों???

*पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता*

*✍आरती वैष्णव*

*रायगढ़ छत्तीसगढ़*

bhupendra

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