प्रत्येक व्यक्ति को इस समाज मे सम्मान से जीवन जीने का अधिकार है – कप्तान संतोष सिंह। खाकी के पीछे कोमल दिल की दास्तान!

*प्रत्येक व्यक्ति को इस समाज मे सम्मान से जीवन जीने का अधिकार है – कप्तान संतोष सिंह*

*खाकी वर्दी के पीछे दिखा पुलिस अधीक्षक का कोमल ह्रदय।*

*अपनी सख्त कार्रवाई के लिए देखें जानें वाले एसपी संतोष सिंह ने दिखाई मानवता।*

*निगरानी से माफी बदमाश की श्रेणी में लाए गए वृद्ध व्यक्ति की व्यथा देख भावुक हुए*

*वृद्ध के सम्मानजनक जीवन यापन की कराई व्यवस्था*

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह अपनी सख्त व दमदार कार्यवाही के लिए पूरे प्रदेश में जाने जाते हैं किंतु एक खाकी वर्दी के पीछे उदार व कोमल हृदय भी होता है, यह उस वक्त देखने को मिला जब *पुलिस चौपाल खरसिया* में निगरानी, गुंडा बदमाशों की परेड कराई गई ।

पुलिस प्रणाली में सीआरपीसी एवं पुलिस रेग्युलेशन के अनुसार कार्यवाही की जाती है, आरोपियों के अपराधिक इतिहास वृत्त को देखकर निगरानी बदमाश की श्रेणी में लाया जाता है जिसे एक अंतराल बाद बदमाश के जीवन यापन को देखते हुए उसे माफी श्रेणी के विभिन्न वर्गों में लाए जाने के नियम हैं।

पुलिस चौपाल खरसिया में दिनांक 11.02.2020 को थाना खरसिया अंतर्गत ग्राम कुनकुनी पर निवासरत *गांडा साय पिता धनीराम साय उम्र 70 वर्ष* जो पूर्व में संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त होने पर उसे निगरानी बदमाश की श्रेणी में रखा गया था , 10-12 वर्षों से बदमाश अपराधों में संलिप्त नहीं होने से उसे वर्तमान में माफी बदमाश की श्रेणी में रखा गया है।

निगरानी बदमाशों की परेड दौरान जब गांड़ा साय को पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह के समक्ष हाजिर कराया गया तब पुलिस अधीक्षक ने उसके जीवनापार्जन आदि के संबंध में पूछताछ किए। गांड़ा साय ने पुलिस अधीक्षक को अपने करुणा स्वर में बताया कि वर्तमान में उसकी पत्नी, बच्चे नहीं है भीख मांग कर जीवन यापन कर रहा हूं । इतना सुनने के बाद पुलिस अधीक्षक भावुक हो गए। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने थाना प्रभारी खरसिया से बदमाश के संबंध में जानकारी ली गई । थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक एस.आर. साहू ने बताया कि अभी गांड़ा साय किसी भी प्रकार के वारदात में सम्मिलित नहीं है ना ही इसके संबंध में कोई शिकायत मिली है । प्रक्रिया अनुसार माफी श्रेणी में रखा गया है पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा गाड़ा साय की स्थिति व्यथा को देखते हुए थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक साहु को गांड़ा साय की सम्मानजनक जीवन यापन करने की व्यवस्था कराने को बोले , जिस पर निरीक्षक साहु द्वारा उसके गांव के कुनकुनी के समीप *जनरल वेदांता कंपनी* के अधिकारियों से संपर्क कर गांड़ा साय को प्यून की नौकरी में ₹4000 प्रतिमाह मेहताना में रखवाया गया है । गाड़ा साय एवं उसके जान परिचित के लोगों ने पुलिस अधीक्षक को हृदय से दुआएं देते हुए खरसिया पुलिस को साधुवाद दे रहे हैं ।

इस कार्य के लिए आपकी जितनी तारीफ की जाए कम है पुलिस अधीक्षक महोदय जी।वाकई प्रत्येक व्यक्ति को इस समाज में सम्मान से जीने का अधिकार है।किसी भी व्यक्ति के ऊपर जब कई झूठे मामले दर्ज हो जाते है तब भी वह इसी आरोप से आगे बढ़कर जीने का प्रयास करता है लेकिन हर बार आपकी तरह कोमल हृदय पारखी सज्जन व्यक्ति उसे उस कुंठा से निकालने के लिए नही होते है,जिससे वह इस समाज मे सम्मानजनक जीवन जी सके।उक्त आपको

bhupendra

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