भारत में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट सबसे अधिक, अमेरिका को भी पछाड़ा

भारत में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट सबसे अधिक, अमेरिका को भी पछाड़ा

मंत्रालय ने कहा कि देश में अब तक 42,08,431 कोविड-19 रोगी स्वस्थ हो चुके हैं जो दुनिया के सभी देशों में संक्रमण मुक्त हुए रोगियों की सर्वाधिक संख्या है.

भारत में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट सबसे अधिक, अमेरिका को भी पछाड़ा

नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत  ने कोविड-19 रोगियों  के स्वस्थ होने के मामले में ऐतिहासिक वैश्विक उपलब्धि हासिल करते हुए अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है और इस मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है.

मंत्रालय ने कहा कि देश में अब तक 42,08,431 कोविड-19 रोगी स्वस्थ हो चुके हैं जो दुनिया के सभी देशों में संक्रमण मुक्त हुए रोगियों की सर्वाधिक संख्या है. देश में संक्रमण से स्वस्थ होने की दर करीब 80% हो गई है, वहीं संक्रमण से मृत्यु दर घटकर 1.61 प्रतिशत रह गई है.

अब भारत में दुनिया भर में संक्रमण से स्वस्थ हुए लोगों की करीब 19% संख्या है. इसके कारण संक्रमण मुक्त होने की राष्ट्रीय दर मजबूती से सुधरकर 79.28% हो गई है. मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार के नेतृत्व में आक्रामक तरीके से जांच करके रोगियों की जल्दी पहचान करने के केंद्रित, क्रमबद्ध और प्रभावी उपायों, त्वरित निगरानी और मानकीकृत उच्च गुणवत्ता पूर्ण क्लीनिकल देखभाल के कारण इस वैश्विक उपलब्धि को हासिल किया जा सका है.

इन 5 राज्यों में कोरोना का संक्रमण सबसे अधिक
मंत्रालय के शनिवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में देश में 95,880 लोग कोविड-19 से उबर चुके हैं और स्वस्थ हुए 90 प्रतिशत मामले 15 राज्यों तथा एक केंद्र शासित प्रदेश से आए हैं. मंत्रालय ने बताया कि स्वस्थ हुए रोगियों के नए मामलों में करीब 60 फीसद मामले पांच राज्यों- महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा उत्तर प्रदेश से आए हैं. इन्हीं पांच राज्यों में संक्रमण के सर्वाधिक मामले भी आए हैं.

तेजी से बढ़ रहा रिकवरी रेट
महाराष्ट्र में एक दिन में 22 हजार से अधिक लोग (23 प्रतिशत) स्वस्थ हुए हैं, वहीं संक्रमण मुक्त होने के नए मामलों में आंध्र प्रदेश में 11,000 (12.3 प्रतिशत) लोग हैं. मंत्रालय ने कहा, ‘भारत बहुत अधिक संख्या में रोगियों के ठीक की दिशा में लगातार बढ़ रहा है. यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष केंद्रित रणनीतियों के साथ समन्वित प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है.’

मंत्रालय के अनुसार, देश में रेमडेसिविर, प्लाज्मा थैरेपी अैर टोसिलीजुमैब जैसी अनुसंधान आधारित पद्धतियों के तर्कसंगत इस्तेमाल की अनुमति दी गई और अन्य तरीकों को भी अपनाया गया. केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी जा रही सहायता की नियमित समीक्षा कर रहा है. वह अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन की उपलब्धता पर भी लगातार नजर रख रहा है.

bhupendra

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