चीन के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है पाकिस्तान, ये मिले सबूत

चीन के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है पाकिस्तान, ये मिले सबूत

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार चीन के इशारे पर पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में बड़ी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद भेज रहा है। कहा जा रहा है कि लद्दाख में सीमा गतिरोध के बीच अशांति फैलाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। खुफिया सूचनाओं से पता चला है कि पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी ISI को चीन ने निर्देश दिया है कि वह जम्मू-कश्मीर में हथियारों के जखीरे के साथ एक योजना को अंजाम दे। खास बात यह है कि यूनियन टेरेटरी क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए हालिया जब्त किए गए हथियारों से इस दावे की पुष्टि होती है, जिसमें बरामद किए गए अधिकांश हथियारों पर ‘चीनी मार्किंग’ है।

आंकड़ों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा बलों ने चीनी कंपनी नोरिनको द्वारा निर्मित EMEI टाइप 97 NSR राइफल की कई रिकवरी की है। यह हथियार चीनी सैनिकों द्वारा उपयोग किया जाता है और हाल ही में CPEC सहयोग के हिस्से के रूप में पाकिस्तान फ्रंटियर फोर्स को भी उपहार में दिया गया था। हाल ही जम्मू से दक्षिण कश्मीर के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को एक चीनी निर्मित नोरेंको / ईएमईआई टाइप 97 एनएसआर राइफल, 190 राउंड वाली चार मैग्जीन, एके 47 राइफल के साथ चार मैग्जीन, 218 राउंड और तीन ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की आईएसआई को सर्दियां शुरू होने से पहले कश्मीर में हथियारों के साथ अधिकतम घुसपैठियों को भेजने का अल्टीमेटम दिया गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अधिकांश घुसपैठ की संभावना इन क्षेत्रों में झाड़ियों की अंडरग्राउंड ओस और बर्फबारी के कारण खत्म हो जाएगी। हालांकि भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा स्थापित घुसपैठ विरोधी ग्रिड के कारण, घाटी में हिंसा के स्तर को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान न तो आतंकवादियों और न ही हथियारों की घुसपैठ कर पा रहा है।

सेना प्रमुख से लेकर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुख और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रमुख पिछले 10 दिनों में जम्मू-कश्मीर का दौरा कर चुके हैं ताकि सरकार की स्थिति की समीक्षा की जा सके और सरकार को अपनी प्रतिक्रिया दें। जम्मू और कश्मीर में ऑपरेशन के प्रभारी अधिकारियों का कहना है कि हाल के उदाहरणों से यह भी संकेत मिलता है कि आईएसआई ने भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा नियमों के उल्लंघन (ROE) का विश्लेषण किया है। इस नियम के अनुसार, वे तब फायर नहीं करते जब नियंत्रण रेखा के किनारे एक घुसपैठिया बिना हथियार के दिखाई देता है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की आतंकी एजेंसी ड्रोन या अन्य माध्यमों से अलग से हथियार भेज रही है।

खुफिया रिपोर्टों से यह भी संकेत मिला है कि घाटी में आतंकियों की स्थानीय भर्ती बढ़ रही है। पिछले दो महीनों में स्थानीय भर्ती बहुत बड़ी हो गई है, लेकिन हथियार प्राप्त करना एक चुनौती है। यही कारण है कि पाकिस्तान ने अब हथियार ड्रोन और क्वाडकोप्टर भेजने के प्रयास तेज कर दिए हैं। खुफिया सूचनाओं से यह भी संकेत मिला है कि पाकिस्तान की आईएसआई ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की संपत्ति के संरक्षण के बहाने CPEC से जुड़ी एक चीनी फर्म से हेक्साकॉप्टर की एक बड़ी संख्या में खरीद की है।


bhupendra

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