US Elections LIVE Updates: वोटिंग से कुछ घंटे पहले बाइडेन का हमला- ट्रंप अमीर दोस्तों के लिए, मैं आपके लिए लड़ूंगा

US Elections LIVE Updates: वोटिंग से कुछ घंटे पहले बाइडेन का हमला- ट्रंप अमीर दोस्तों के लिए, मैं आपके लिए लड़ूंगा

US Presidential Elections LIVE Updates: विश्वभर में कोरोना का प्रकोप अमेरिका में सबसे ज्यादा है. इस बीच अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुछ ही देर में मतदान होगा. अब देखना होगा कि इस बार फिर डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनते हैं या इस बार कुर्सी डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बाइडेन के पास जाएगी.

एक रिसर्च की मानें तो मिशिगन में 53 फीसदी लोगों ने जो बिडेन का सपोर्ट करने की बात कही है. जबकि डोनाल्ड ट्रंप को 45 फीसदी लोगों का सपोर्ट है.

बता दें कि अमेरिका में सितंबर से ही पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोटिंग की जा रही है. अब तक लगभग छह करोड़ 60 लाख अमेरिकी नागरिक मेल बैलेट और पोस्टल बैलेट के जरिए वोटिंग कर चुके हैं.

माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम आने में देरी हो सकती है. अमेरिका में 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में काउंटिंग कई दिनों तक चली थी. काउंटिंग के बाद ही टीवी चैनल्स इस चुनाव का एग्जिट पोल या फिर सर्वे बता सकते हैं.

इस बार अमेरिका में 1.41 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स हैं. हालांकि भारत की तुलना में यह फिर भी काफी कम हैं. इंस्टिट्यूट फॉर डेमोक्रेसी ऐंड इलेक्टोरल असिस्टेंस के मुताबिक पिछले साल हुए आम चुनाव में भारत में 91 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर थे. यह संख्या अमेरिका की आबादी का तीन गुना है.

अमेरिका में वोटिंग से कुछ घंटे पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार जो बिडेन ने ट्रंप पर हमला बोला है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा- डोनाल्ड ट्रम्प हमेशा अपने अमीर और अच्छी तरह से जुड़े दोस्तों के लिए लड़ेंगे. मैं हमेशा तुम्हारे लिए लड़ता रहूँगा. आइए व्हाइट हाउस के सम्मान और शालीनता को बहाल करें.

मतदान भारतीय समय के मुताबिक शाम 5.30 बजे शुरु होकर बुधवार सुबह 6.30 बजे खत्म होगा. सबकी नजरें इस बात पर है कि डोनाल्ड ट्रंप या जो बिडेन में से कौन अमेरिका का अगला राष्ट्रपति बनेगा. अमेरिकी चुनाव के लिए नवंबर का पहला मंगलवार फिक्स होता है. इसी के तहत इस बार आज अमेरिकी जनता अपना वोट डालेगी.

कोरोना महामारी के खतरे के बीच 3 नवंबर को अमेरिकी मतदाता राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डालेंगे. इस चुनाव में अमेरिका में कोरोना वायरस का मुद्दा सबसे बड़ा रहा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 236,982 पहुंच गई है जबकि संक्रमितों की संख्या 9,567,068 हो गई है. कोरोना वायरस से अमेरिका में न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और कैलिफोर्निया प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित है. अकेले न्यूयॉर्क में कोरोना संक्रमण के कारण 33,698 लोगों की मौत हुई है.

अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले जो बिडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को इतिहास का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति बताया है. बिडेन ने ट्वीट में लिखा, “डोनाल्ड ट्रंप आधुनिक इतिहास के सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति हैं. डोनाल्ड ट्रंप आधुनिक इतिहास में सबसे नस्लवादी राष्ट्रपति हैं. डोनाल्ड ट्रंप आधुनिक इतिहास में सबसे खराब नौकरियां देने वाले राष्ट्रपति हैं. हम उन्हें चार साल और क्यों देंगे?”

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए अब 12 घंटे से भी कम समय रह गया है. डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन आखिरी चुनावी रैली को संबोधित कर रहे हैं…

मिशिगन के ट्रॅवर्स सिटी में आयोजित रैली में ट्रंप समर्थकों की भारी भीड़ जुटी

राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप और बिडेन दोनों राजनेता एक-दूसरे पर लगातार नए-नए आरोप लगा रहे हैं. अब ट्रंप ने कहा, “जो बिडेन आतंकवादी समर्थित देशों से शरणार्थियों को 700 फीसदी तक बढ़ा देंगे. उनकी योजना आपके समुदायों को अभिभूत कर देगी. मैं आपके परिवारों की रक्षा कर रहा हूं और कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों को अपने देश से दूर रख रहा हूं.”

अमेरिकी चुनाव में अगर किसी भी उम्मीदवार को बहुमत से इलेक्टोरल वोट्स नहीं मिलते हैं तो राष्ट्रपति का चुनाव अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स करते हैं. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव उन तीन उम्मीदवारों को चुनता है जिसने ज्यादातर इलेक्टोरल वोट्स जीते हैं. हर राज्य को एक वोट का अधिकार दिया जाता है. जो उम्मीदवार सबसे ज्यादा राज्यों का वोट हासिल करता है वह राष्ट्रपति चुना जाता है. ऐसा केवल साल 1824 में अमेरिकी चुनाव में हुआ था जब इलेक्टोरल वोट बंट गए थे. अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत हमेशा उस उम्मीदवार की नहीं होती है जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा वोट आते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मतदाता सीधे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को वोट नहीं देते हैं. हर राज्य के निवासी इलेक्टर्स चुनते हैं. हर राज्य में एक निश्चित संख्या में इलेक्टोरल कॉलेज वोट होते हैं. यह राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करता है. कुल 538 वोट होते हैं जिनमें से 270 या फिर उससे ज्यादा वोट जीतने के लिए हासिल करने होते हैं. जिस उम्मीदवार को 270 इलेक्टर्स का समर्थन मिल जाता है वह अमेरिका अगला राष्ट्रपति बनता है. 538 इलेक्टर्स में 435 रिप्रेजेंटेटिव्स, 100 सीनेटर्स और तीन डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के इलेक्टर्स होते हैं.

डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडेन भी लगातार ट्वीट कर ट्रंप पर निशाना साध रहे हैं. बिडेन ने कहा, “सच्चाई ये है कि डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति ओबामा और मुझसे से बढ़ती अमेरिकी अर्थव्यवस्था विरासत में मिली है. उन्हें (ट्रंप) जीवन में जो कुछ भी विरासत में मिला है, उन्होंने उसे भुला दिया है.”

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 में भारतीय-अमेरिकियों की भूमिका बेहद अहम है. भारतीय मूल के वोटरों के अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद को भारत का सच्चा दोस्त बताने में जुटे हैं. वहीं पारंपरिक रूप से भारतीय अमेरिकी समुदाय में पैठ रखने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी अपने इस वोटबैंक को बचाने के लिए भरपूर कोशिश कर रही है. यहां तक कि डेमोक्रेट खेमे ने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है जो भारतीय मूल की हैं.

अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में चुनावी रैली में डोनाल्ड ट्रंप जो बिडेन पर जमकर निशाना साध रहे हैं. ट्रंप ने बिडेन को एक भ्रष्ट राजनेता बताया. ट्रंप ने कहा, “वह NAFTA के लिए चीयरलीडर थे और डब्ल्यूटीओ में चीन का एंट्री थी. पेंसिल्वेनिया के लोगों ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आधी नौकरियां बिडेन के राज में खो दीं. जो बिडेन एक भ्रष्ट राजनेता हैं जिन्होंने चीन को पेंसिल्वेनिया बेच दिया.”

राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने देशभक्ति शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “1776 कमीशन” का आदेश पास किया है. ट्रंप ने ट्वीट में बताया, “1776 कमीशन की स्थापना के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. हम छात्रों के कट्टरपंथी स्वदेशीकरण को रोकेंगे और हमारे स्कूलों को देशभक्ति शिक्षा बहाल करेंगे.” 1776 कमीशन का उद्देश्य युवा पीढ़ियों को देश के इतिहास और सिद्धांतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है.
डोनाल्ड ट्रंप ने जो बिडेन पर बड़ा आरोप लगाया है. अपने ट्वीट में ट्रंप ने दावा किया है कि डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बिडेन को बड़े मीडिया हाउस, बड़े दानवीरों और कुछ विशेष शक्तिशाली लोगों ने खरीदा है. वो लोग जो बिडेन को जीताने के लिए बेताब हैं क्योंकि वो उसके मालिक हैं, वो उसे नियंत्रित करते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के 225 साल से अधिक पुराने इतिहास में पहली बार मुकाबला दो सबसे बूढ़े उम्मीदवारों के बीच है. व्हाइट हाउस के लिए दूसरी पारी हासिल करने में जुटे डोनाल्ड ट्रंप 74 साल के हैं. वहीं राष्ट्रपति पद की रेस में उनके सामने खड़े जो बाइडन 77 साल के हैं. यानी जॉज वाशिंगटन से लेकर अब तक हुए राष्ट्रपतियों की कतार में 2020 की चुनावी दौड़ का विजेता अमेरिका का सबसे बूढ़ा सुप्रीम कमांडर होगा.

वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या 236,572 पहुंच गई है जबकि संक्रमितों की संख्या 9,489,455 हो गई है. कोरोना वायरस से अमेरिका में न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और कैलिफोर्निया प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित है. अकेले न्यूयॉर्क में कोरोना संक्रमण के कारण 33,687 लोगों की मौत हुई है. न्यू जर्सी में अब तक 16,485 लोगों की इस महामारी के कारण मौत हो चुकी है. कैलिफोर्निया में कोविड-19 से अब तक 17,672 लोगों ने दम तोड़ा है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका भारत के मुकाबले पाकिस्तान के साथ निष्पक्ष/समान व्यवहार बनाए रखेगा. इमरान खान ने कहा कि अमेरिका को यह लगता है कि भारत इस क्षेत्र में चीन के प्रभाव को सीमित कर सकता है, मगर यह कोरी कल्पना है.

रिसर्च ग्रुप ‘दि सेंटर फॉर रेस्पॉनसिव पॉलिटिक्स’ ने कहा कि मतदान से पहले के आखिरी महीने में राजनीतिक चंदे में भारी बढ़ोत्तरी हुई है और इसकी वजह से इस चुनाव में जो 11 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया गया था, वह पीछे छूट गया है. इसके मुताबिक जो बिडेन अमेरिकी इतिहास के पहले प्रत्याशी होंगे जिन्होंने दानकर्ताओं से एक अरब डॉलर (करीब 7500 करोड़ रुपये) की राशि प्राप्त की. वहीं ट्रंप ने दानकर्ताओं से 59.6 करोड़ डॉलर का कोष चुनाव प्रचार के लिए जुटाया है.

अमेरिका के इतिहास में अब तक ऐसा 16 बार हो चुका है जब जनता ने अपने राष्ट्रपति को दूसरी पर पद पर बने रहने का मौका दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद है कि वह दोबारा चुने जाएंगे. ट्रंप ने दावा किया है कि राष्ट्रपति के रूप में उनके शासनकाल में प्रशासन ने बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. उन्होंने कहा कि यह मंगलवार बहुत दिलचस्प होगा. इस बार उनकी पार्टी की लहर है और ऐसा पहले किसी ने नहीं देखा.

सर्वे में बिडेन को 4 प्रमुख राज्यों में बढ़त- एक नए सर्वेक्षण के अनुसार डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन चार महत्वपूर्ण राज्यों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुकाबले बढ़त बनाए हुए हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स और सियेना कॉलेज द्वारा कराए गए मतदान पूर्व सर्वेक्षण के अनुसार पूर्व उपराष्ट्रपति बिडेन विस्कोंसिन, पेनसिल्वेनिया, फ्लोरिडा और अरिजोना में ट्रंप से आगे रह सकते हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन ने सोमवार को ओहियो में एक चुनावी रैली में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जमकर निशाना साधा. बिडेन ने कहा कि अमेरिका को ट्रंप के कार्यकाल में अराजकता का सामना करना पड़ा है. अब ट्रंप का बैग पैक करके घर जाने का समय आ गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास और पेंसिल्वेनिया को लोगों से बिडेन के खिलाफ वोट करने की अपील की है और चेताया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को उन खबरों को खारिज किया कि वह मंगलवार को राष्ट्रपति चुनाव संपन्न होने से पहले ही जीत की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया कि वह मतदान संबंधी उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के संबंध में चुनाव होते ही कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं. इस तरह की खबरें सामने आ रही थीं कि ट्रंप चुनाव वाली रात समय से पहले चुनावी विजय का ऐलान कर सकते हैं. इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने नॉर्थ कैरोलाइना के शारलोट हवाईअड्डे पर कहा, ‘‘नहीं, यह गलत खबर है.’’

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने चुनाव प्रचार में वित्तीय मदद उपलब्ध कराने वाले 800 प्रमुख लोगों के नाम जारी किए हैं जिनमें कई भारतीय-अमेरिकी भी शामिल हैं. यह सूची रविवार को जारी की गई. बाइडेन को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के जिन लोगों ने वित्तीय मदद उपलब्ध कराई, उनमें समुदाय के शीर्ष नेता स्वदेश चटर्जी, रमेश कपूर, शेखर एन नरसिंहन, आर रंगास्वामी, अजय जैन भुटोरिया और फ्रैंक इस्लाम शीर्ष पर हैं. समुदाय के अन्य प्रमुख दानदाताओं में नील मखीजा, राहू, प्रकाश, दीपक राज, राज शाह, राजन शाह, राधिका शाह, राज सिंह, निधि ठाकर, किरण जैन, सोनी कल्सी और बेला बजारिया शामिल हैं. सूची में भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल का नाम भी शामिल है.

अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप का ड्रैगन पर हमला बोला है और कहा है कि चीन ने जो किया उसे कभी नहीं भूलेंगे. उन्होंने कहा है कि जिस तरह चीन वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने में नाकाम रहा और उससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था बर्बाद हुई. यह बात अमेरिका नहीं भूलेगा.

बैकग्राउंड

अब से कुछ ही देर में अमेरिका में 46वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होगा. पूरी दुनिया कि नजर इस मतदान पर टिकी है और साथ ही इस बात को लेकर चर्चा जोरो पर है कि इस बार रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप दोबारा जीतेंगे या बाजी डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बाइडेन मारेंगे. अमेरिका के सभी 50 राज्‍यों में एक साथ वोटिंग होगी. करीब 24 करोड़ मतदाना इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

9 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डाला वोट

चुनाव दिवस की पूर्व संध्या पर कम से कम 9.2 करोड़ लोगों ने पहले ही मतदान किया है. यह 2016 के आम चुनावों में गिने गए कुल मतों में से लगभग दो-तिहाई है. यूएस टुडे में छपी खबर के अनुसार अमेरिका में 25.7 करोड़ से अधिक लोग 18 या उससे अधिक उम्र के हैं. करीब 24 करोड़ लोग इस साल वोटिंग के योग्य हैं. योग्य मतदाताओं में विदेश में रहने वाले अमेरिकी लोग भी शामिल हैं.

कब आएंगे नतीजे

पुख्ता तौर पर यह नहीं कहा जा सकता है कि इस बार वोटिंग के दिन यानि 3 नवंबर के रात में ही चुनाव परिणामों की घोषणा हो जाएगी. हालांकि नतीजों का अनुमान वोटिंग खत्म होते ही मिल जाएगा. इस बार मेल इन बैलेट और पोस्टल बैलेट का आंकड़ा बढ़ा है. पेन्सिलवेनिया और मिशिगन के अफसर कह चुके हैं कि काउंटिंग में उन्हें तीन दिन लग सकते हैं.

हालांकि अगर 48 राज्यों से साफ नतीजे आ गए तो पेन्सिलवेनिया और नॉर्थ कैरोलिना के मेल इन बैलट्स की गणना बहुत मायने नहीं रखेगा. अगर मुकाबला करीबी हुआ तो नतीजों के लिए तीन दिन इंतजार करना पड़ सकता है.

bhupendra

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