Graha Dosha Remedies: देवी-देवताओं को गुड़हल फूल अर्पित करने से बदल जाते हैं भाग्य, ग्रह दोष भी होते हैं दूर, जानें कैसे

Graha Dosha Remedies: देवी-देवताओं को गुड़हल फूल

अर्पित करने से बदल जाते हैं भाग्य, ग्रह दोष भी होते हैं दूर, जानें कैसे

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Graha Dosha Remedies: हर फूल की अपनी कोई ना कोई विशेषता तो होती ही है। फ‍िर चाहे उनकी रंगत हो, खुशबू हो या फ‍िर रंग, उनके आ‍कर्षण से हम अछूते नहीं रहते। इतना ही नहीं भगवान को भी अलग-अलग फूल पसंद हैं। लेक‍िन आपको जानकर हैरानी होगी क‍ि फूलों से ग्रह दोष और उनसे उत्‍पन्‍न होने वाली समस्‍याएं भी दूर हो जाती हैं। जी हां ऐसे ही कुछ फूलों के बारे में हम यहां बताने जा रहे हैं जो न केवल आपका घर और जीवन महकाएंगे बल्कि ग्रहों संबंध‍ित सभी समस्याओं को भी दूर कर देते हैं।

ऐसे में आज हम बात कर रहे हैं गुड़हल फूल की। गुड़हल का फूल मां लक्ष्‍मी के साथ-साथ मां दुर्गा दोनों को भी बेहद प्रिय होता है। साथ ही हनुमानजी को भी गुड़हल का फूल प्रिय है। मंगल को हनुमानजी और देवी दुर्गा को तथा शुक्रवार को मां लक्ष्‍मी को गुड़हल का फूल चढ़ाने से विशेष लाभ होता है। मान्यता के मुताबिक इससे सुख समृद्धि और धन संपदा की बढ़ोतरी होती है। साथ ही ग्रहों से संबंधित समस्याएं भी दूर होती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

गुलहड़ फूल को मंगल ग्रह का प्रतीक माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष प्रबल होता है तो प्रत्येक मंगलवार को हनुमानजी को गुड़हल के फूल अर्पित करने से इस दोष का निवारन होता है। साथ ही न‍ियम‍ित रूप से हनुमानजी को गुड़हल का फूल अर्पित करने से संपत्ति और कानून संबंधी समस्याएं भी दूर होती है।

गुलहड़ फूल के पौधे को घर में लगाना शुभ माना जाता है। गुड़हल का फूल जल में डालकर सूर्य देव को नियमित अर्घ्‍य देने से आंखों, हड्डियों की समस्या दूर होती और यश प्राप्ति की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा को नित्य गुड़हल अर्पण करने से जीवन में आने वाली सभी संकट दूर रहते हैं।

नियमित रूप से देवीमां को गुड़हल का पुष्प अर्पित करने से शत्रु और विरोधियों से राहत मिलती है। गुड़हल का फूल डालकर सूर्यदेव को जल अर्पित करने से आपको दीघार्यु और आरोग्‍य की प्राप्ति होती हे।

गुड़हल के फूल में मां दुर्गा का वास माने जाने की बात कही जाती है। पुष्‍प के हरे भाग में बुध और केतु होते हैं। वहीं केसरिया भाग मंगल को दर्शाता है। गुड़हल के रक्‍त वर्ण में सूर्य का प्रतिनिधित्‍व माना जाता है। वहीं पुष्‍प की जहां से उत्‍पत्ति होती है, वहां गुरु का वास माना जाता है। अंकुरण के मध्‍य में राहु और अंत में शनि मौजूद होते हैं। वहीं पुष्‍प के बीज भाग में चंद्रमा उपस्थित होता है।

वास्‍तु की दृष्टि से भी गुड़हल का फूल बहुत ही शुभ माना जाता है। घर में गुलदस्‍ते में लगा गुड़हल का फूल परिवार के सदस्‍यों के बीच प्‍यार, अपनेपन और बॉन्डिंग को दर्शाता है। दांपत्‍य जीवन में जोश को बनाए रखने के लिए भी गुड़हल का फूल बहुत ही महत्‍वपूर्ण माना जाता है। यह आप और आपके पार्टनर के बीच पैशन को दर्शाता है।

गुड़हल के फूल की हर्बल चाय पीने से इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होता है। कारोनाकाल में आप रोजाना गुड़हल के फूल को पानी में उबालकर इसका काढ़ा बनाकर पीएं तो आपको बहुत फायदा होगा। माना जाता है कि गुड़हल का फूल दिल के मरीजों के लिए बहुत अच्‍छा माना जाता है। गुड़हल में अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है जब चाय या अन्य रूपों में इसका सेवन किया जाता है तो यह सर्दी और खांसी के लिए काफी फायदेमंद होता है इससे आपको सर्दी से जल्द राहत मिलेगी।

bhupendra

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