फर्जीवाडा करने वालो पर FIR दर्ज करने डिप्टी कलेक्टर का आदेश सालो से दफ्तरों के काट रहा चक्कर* *मुंगेली CMHO कार्यलय में नियुक्ति में फर्जीवाड़ा*

*फर्जीवाडा करने वालो पर FIR दर्ज करने डिप्टी कलेक्टर का आदेश सालो से दफ्तरों के काट रहा चक्कर*

*मुंगेली CMHO कार्यलय में नियुक्ति में फर्जीवाड़ा*

*आरोपियों को बचाने लगे है विभागीय अफसर*

*मीडिया में मामला आने पर CMHO कर रहे है दोषियों पर FIR की बात*

*मुंगेली थाना प्रभारी मामले की जानकारी से कर रहे इंकार*

बिलासपुर।मुंगेली जिला स्थित CMHO कार्यलय इन दिनों फर्जी नियुक्ति के मामले को लेकर फिर सुर्खियों में है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यलय अंतर्गत विभिन्न पदों पर नियुक्ति के संबंध में आवेदन सन 2019 में मंगाए गए थे।जिसमें स्वीपर के पद पर संतोष कुमार यादव की नियुक्ति फर्जी तरीके से किए जाने की शिकायत कलेक्टर मुंगेली को किए जाने के बाद उक्त मामले में जनवरी 2019 को जांच उपरांत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर चौकाने वाली जानकारी सामने आयी है।

जिसमे तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा समस्त नियमों को ताक पर रखकर पूर्व CHMO (जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ) श्री मेश्राम के द्वारा संतोष कुमार यादव की नियुक्ति स्वीपर के पद पर किया गया था जबकि संतोष कुमार यादव के द्वारा उक्त पद हेतु जारी विज्ञापन एवं आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तक स्वीपर पद हेतु अपना आवेदन भी प्रस्तुत नही किया था। उसके बावजूद तत्कालीन CMHO श्री मेश्राम के द्वारा संतोष यादव को अनुचित लाभ पहुचाने के उद्देश्य से फर्जी नियुक्ति आदेश जारी किया था।

जब उक्त मामले की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत आरटीआई कार्यकर्ताओं को हुआ तो मामले की शिकायत मुंगेली जिला कलेक्टर से किया गया।जिस पर डिप्टी कलेक्टर मुंगेली द्वारा जांच कराया गया था एवं मामला सही पाया जाने पर पत्र क्रमांक 4465/ शिकायत/राजस्व 217-04/2019 दिनांक 27 जुलाई 2019 को लिखित पत्र के माध्यम से तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एवं संतोष कुमार यादव के विरुद्ध थाने में (FIR) एफआईआर दर्ज कराने संबंधी आदेश मुंगेली कलेक्टर अनुमोदन उपरांत जारी किया गया था।लेकिन उक्त आदेश जारी होने के 2 साल बीत जाने के बाद भी न ही फर्जीवाडा में लिप्त तत्कालीन CMHO के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही की गयी है न ही फर्जी नियुक्ति के आधार पर नौकरी कर रहे संतोष यादव के विरुद्ध कोई कार्यवाही की गई है बल्कि यू कहे कि फर्जीवाड़े के इस खेल में CMHO कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी लिप्त है एवं शासन को चुना लगाते हुए प्रतिमाह संतोष कुमार यादव को वेतन का भुगतान किया जा रहा है। जबकि फर्जीवाडा में लिप्त पूर्व CMHO सेवानिवृत्त हो चुके है।

जब उक्त मामले में कार्यवाही संबंधी आदेश के दस्तावेज मीडिया के हाथों लगे तो वर्तमान CMHO एमडी तेंदवे एवं मुंगेली कोतवाली थाना प्रभारी से कार्यवाही के संबंध में जानकारी लेने पर दोनों जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ते नजर आए।

*क्या कहते है अधिकारी*

फर्जीवाड़े के इस मामले के संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी से पूछे जाने पर इसकी जानकारी नही होना बताया गया उन्होंने मीडिया को बताया कि इस प्रकार की शिकायत मेरे संज्ञान में नही है

वही इस मामले में जांच का जिम्मा सम्हालने वाले वर्तमान CMHO श्री तेंदवे का कहना है कि डेढ़ माह पहले दोषियों पर एफआईआर के लिए सम्बंधित विभाग को प्रतिवेदन भेजा गया है

bhupendra

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